Reading 25 :- मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ



Feel good stories.

जैसे dark chocolate bar हौले हौले जीभ और तालू  में पिघलता है , वैसे ही ये कहानिया आपके उदासी मन , गुस्से , तीखेपन को पिघला सी  देते हैं |

और एक के बाद आप दूसरी कहानी का स्वाद चखने के लिए आगे बढ़ने लगते हो |

हमारी आम जिंदगी से जुडी कहानियां |

कुछ ऐसे बचपन , जो बिन पिता के बड़े हुए हैं ; तो कुछ लोक प्रेम के किस्से जो माप तौल के होते हैं , कुछ रिश्ते जो हम बस ढोते हैं , रिश्ते जो कभी समझ ही नहीं आते  और कुछ चुनाव ऐसे-  जहाँ कोई स्वार्थ नहीं |

कुछ ऐसे मन के टोकरे जहाँ बरसों पुरानी बातें गठरिया बाँध कर बैठी हो और बात बात पर टुकुर टुकुर कर वर्तमान पर असर डालती हो |

कुछ किस्से ऐसी जहाँ एक औरत अपने भीतर अपने बलात्कार को छिपा लेती है , जो सही नहीं लगता पर फिर लगता है – घर घर ऐसा ही तो होता है , सब अपने दिल में राज छिपा लेते हैं – डर से , शर्म से , अज्ञान से | खुद के लिए ही खुद से लड़ना कितना मुश्किल लगता है और फिर क्या , जिंदगी की संध्या , कहानी की चरित्र संध्या की तरह ही ढल भी जाती है | बस यूँही – खुद से हारकर |

हमारे ज्यादातर रिश्ते ऐसे होते हैं , जिन्हें भाग्य की लकीर कहकर हम अपनी  पूरी जिंदगी बर्बाद कर लेते हैं | खैर सच तो ये है , कि , हमारे रिश्ते, उनकी करवाहत – सब कुछ स्वार्थ के ही होते हैं , और जिन्हें नहीं पता , वो इन कहानियों को पढ़कर , थोड़ा सजग हो पाएंगे | और जो इस बात को जान गए हैं , वो पाठक अपनी हालत सुधारने के लिए प्रयास में लग जायेंगे | 

इन कहानियों के कुछ रिश्तों के किस्से, कभी किसी मोर पर हमें कोई मीठी - करवी याद ताजा कर जायेंगे | वो याद जो कभी एक हलकी सी हंसी की तरह झलकती है या फिर भीतर एक पल के लिए जहर बन उभरती है |

आख़िरकार हर कहानी की कोशिश तो रहती है , हमें अपनी असलियत से मुलाकात कराना , खुद से रूबरू कराना ; ताकि शुरुआत कितनी भी करवी और खट्टी रही हो , हम अपने प्रयासों  से उसका अंत  मीठा  और सुखद कर सकते हैं |

तो चलो फिर, अब आगे बढ़ते हैं |

note-

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